जल जीवन हरियाली जीवन :डॉक्टर श्यामल किशोर पाठक

ग्लोबल वार्मिंग,वायु प्रदूषण,

जन-जीवन पर सकट भीषण,

अतिवृष्टि-अनावृष्टि से,

आशंकित,उद्वेलित जन-मन,

आशा की किरण बन आया,

जल-जीवन-हरियाली मिशन।


 

जल-स्त्रोतों की कर पहचान,

तालाब, पोखर, आहर-पइन,

अतिक्रमण मुक्ति है, पहला काम,

जन-मानस सब एक समान,

जीर्णोद्धार-पुनरुद्धार के बाद,

वृक्षारोपण है अनिवार्य।


 

एक एकड़ से कम हो क्षेत्र,

मनरेगा योजना होगा श्रेष्ठ,

अधिक यदि जलस्त्रोत का क्षेत्र,

लघु जल संसाधन विभाग सचेष्ट,

वाटर हार्वेस्टिंग कार्य महान 

जल-संरक्षण का दे पैगाम।

 

फसल-चक्र है अपनाना,

धन-धान्यए समृद्धि है पाना।

सीमित स्त्रोत का रखें ध्यान, 

सौर-ऊर्जा अनुपम वरदान।

प्लास्टिक से बड़ा नुकसान,

कपड़े की थैली अनुमान्य।।

 

माँ गंगे है जीवन-धारा

निर्मल रखना कर्तव्य हमारा।

भगीरथ प्रयत्न का सुनहरा फल,

मगध पहुँचेगा गंगा जल, 

जल-संचय करें आजीवन, 

जल-हरियाली से ही जीवन।